उरई, जनवरी 13 -- सिरसाकलार। थाना क्षेत्र के निपनिया में 105 वर्ष की आयु में संसार को अलविदा कहने वाली देवकी भास्कर की अंतिम यात्रा ने हर किसी को भावुक कर दिया। परिजनों ने उनकी शवयात्रा को सजाकर मिसाल पेश की। परिजनों ने देवकी भास्कर का देहांत होने के बाद पार्थिव शरीर को डोली में सजाया। पुत्रों की आयु स्वयं 80 वर्ष से अधिक है, जबकि नाती और पड़नातियों ने पूरे सम्मान और प्रेम के साथ यह अनूठी विदाई दी। जब यह अनोखी शवयात्रा गांव की गलियों और खेतों के बीच से गुजरी तो हर देखने वाले की आंखें नम थीं, लेकिन होठों पर एक सुकून भरी मुस्कान थी। ग्रामीणों का कहना था कि देवकी भास्कर ने एक लंबा, संतुलित और सार्थक जीवन जिया, ऐसे में उनकी विदाई को शोक नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए।
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