नई दिल्ली, फरवरी 9 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यमुना के बाढ़ क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण के गंभीर आरोपों पर सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव व विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने बाढ़ क्षेत्र में सात मंजिला इमारत के निर्माण से जुड़ी शिकायत को पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन से जुड़ा अहम मुद्दा माना है। पीठ ने एमसीडी, संबंधित जिलाधिकारी, डीडीए और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला वजीराबाद गांव निवासी रोहित त्यागी की ओर से दायर एक याचिका के आधार पर दर्ज किया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि मजनूं का टीला स्थित न्यू अरुणा नगर क्षेत्र में यमुना के बाढ़ क्षेत्र और हरित पट्टी में सात मंजिला इमारत का निर्माण किया जा...