सहारनपुर, जनवरी 6 -- पतंगबाजी अब चाइनीज मांझे के कारण जानलेवा बनती जा रही है। यह बेहद धारदार और करंट वाहक मांझा हर साल लोगों की जान ले रहा है। 14 फरवरी 2024 को चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एसी मैकेनिक अतुल शर्मा की दर्दनाक मौत हो गई थी। यह हादसा शहरवासियों के लिए गहरा सदमा बन गया। इसके बाद 1 फरवरी 2025 को चाइनीज मांझे में करंट आने से तुषार बुरी तरह झुलस गया, जिसकी 2 फरवरी को इलाज के दौरान मौत हो गई। ये घटनाएं साफ दर्शाती हैं कि प्रतिबंध के बावजूद पुराने और नए शहर में चाइनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है। यह मांझा न केवल इंसानों के लिए बल्कि पक्षियों और पर्यावरण के लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। शहर का लक्की गेट पतंग बाजार का मुख्य केंद्र माना जाता है, जहां थोक और खुदरा दोनों स्तर पर कारोबार होता है। यहां सुबह से देर रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी...