रिषिकेष, जून 28 -- लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के निवेशकों और एजेंटों ने कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पाबंदी अधिनियम के तहत निवेशकों के पैसे दिलवाने और कंपनी के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की मांग की। शनिवार को आईडीपीएल में एलयूसीसी के निवेशकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निवेश करने के दौरान उन्हें बताया गया था कि यह सोसायटी भारत सरकार कृषि मंत्रालय द्वारा पंजीकृत है, जो कि वर्तमान में सहकारिता मंत्रालय में पंजीकृत है। कहा कि यह सोसायटी तीन राज्यों में बैंकिंग का काम कर रही है। प्रदेश के करीब दो लाख निवेशकों ने आरडी, एफडी, एमआईपी के माध्यम से करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश किया। कुछ समय पहले सोसायटी ने बिना सूचना के सोसायटी का पोर्टल बंद कर दिया है। बीते नवंबर महीने से सोसायटी का मोब...
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