वाराणसी, जनवरी 5 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। शास्त्रीय संगीत की रसधार रविवार को दुर्गाकुंड स्थित अंध विद्यालय में प्रवाहित हुई। अवसर था पं.शिवनाथ मिश्र संगीत अकादमी की ओर से विदुषी प्रमिला मिश्रा की स्मृति में आयोजित समर्पण संगीत संध्या का। इस दौरान सितार और वायलिन की यादगार जुगलबंदी ने श्रोताओं को मुग्ध किया। एकल तबला वादन और शास्त्रीय गायन ने भी प्रभाव छोड़ा। संध्या में प्रयागराज से आए मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सितारविद प्रो.साहित्य कुमार नाहर एवं दिल्ली के वायलिन वादक पं.संतोष नाहर की जुगलबंदी के सभी कायल हो गए। उन्होंने वादन की शुरुआत संक्षिप्त अलाप से की। इसके बाद राग यमन में दो बंदिशें विलम्बित एवं द्रुत तीन ताल में प्रस्तुत कीं। अंत में राग मिश्र खमाज में पारंपरिक धुन पर जबरदस्त जुगलबंदी की तो समूचा प्रांगण तालियो...