नई दिल्ली, दिसम्बर 2 -- नई दिल्ली। छोटे कर्ज पर बैंकों द्वारा ज्यादा ब्याज वसूली को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ने सख्त रुख अपनाया है। उसने स्पष्ट किया है कि अब बैंकों को यह बताना होगा कि वह किस आधार पर ब्याज दर निर्धारित कर रहे हैं। उच्च ब्याज दर निर्धारित करने के पीछे क्या कारण है? इतना ही नहीं, बैंक को माइक्रोफाइनेंस ऋण के लिए अलग से एक बोर्ड मंजूर नीति बनानी होगी, जिसमें ब्याज दर तय करने का पूरा तरीका साफ-साफ लिखा होगा। हाल ही में केंद्रीय बैंक ने वाणिज्यिक बैंक-अग्रिमों पर ब्याज दरें दिशा निर्देश-2025 जारी किए, जिसमें प्रावधान किया गया है कि बैंक माइक्रोफाइनेंस की ब्याज दर कैसे तय करते हैं, उसका पूरा मॉडल सार्वजनिक करना होगा। बताना होगा कि ब्याज दर निर्धारित करते वक्त फंड की लागत, जोखिम प्रीमियम, बैंक का मुनाफा और अन्य वैध खर्च किस तरह र...
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