प्रयागराज, अक्टूबर 16 -- प्रयागराज, संवाददाता। जसरा के रहने वाले एक 21 वर्षीय युवक के दिल में जन्म से छेद था। इलाज के लिए वह रायपुर के सत्य साईं अस्पताल में गया लेकिन वहां से एम्स रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसे ओपन हार्ट सर्जरी कराने की सलाह दी। लेकिन आर्थिक कारणों से दिल्ली में इलाज न कराकर एक माह पहले एसआरएन अस्पताल के हृदय रोग विभाग पहुंचा। डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि उसके दिल में छह मिमी छेद में वेंट्रीक्यूलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) की समस्या थी। इसलिए गहन विचार-विमर्श के बाद हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विमल निषाद और डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने युवक की छाती में बिना चीरा लगाए और बिना ओपन हार्ट सर्जरी के दिल के छेद को 1:30 घंटे में बंद कर दिया। डॉक्टरों ने दाहिने पैर की जांघ में एक पतली नली (कैथेटर) डालकर छेद को हाइब्रिड कवर स्टेंट से बंद ...
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