बेगुसराय, नवम्बर 13 -- गढ़हरा(बरौनी),एक संवाददाता। संवेदना ही मनुष्य को कवि बनाती है। कल्पना शक्ति मजबूत होने और शब्दों का भंडार ज्यादा होने, उसके चयन से कविता प्रभावी और आकर्षक बनती है। इसके लिए पढ़ना बहुत जरूरी है। उक्त बातें काव्य लेखन कार्यशाला में जनवादी लेखक संघ के प्रदेश सचिव कुमार विनीताभ ने कही। उन्होंने कहा कि शब्दों के प्रयोग से ही हंसी, मायूसी, रोने, क्रोध, आकर्षण का भाव आता है। गढ़हरा मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर्ड शिक्षक मुक्तेश्वर प्रसाद वर्मा ने की। साहित्यकार प्रवीण प्रियदर्शी ने कहा कि कविताओं का कई वर्ग होता है। कविता लिखने का कोई फार्मूला नहीं होता है। आपकी पसंद ही आपको आगे बढ़ा सकती है। साहित्यकारों ने बताया कि काव्य सृजन के लिए प्रतिभा, ज्ञान व अभ्यास की आवश्यकता होती है। इसके अलावा...
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