मेरठ, फरवरी 16 -- हस्तिनापुर। विश्व की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए कैलाश पर्वत पर चल रहे भक्तामर विधान एवं पाठ के आठवें दिन नित्य नियम पूजन किया गया। रविवार को भगवान की शांतिधारा अनिल जैन, अभिषेक जैन, स्वर्ण कलश से अभिषेक प्रफुल्ल जैन व दीप प्रज्ज्वलन शिल्पी जैन ने किया। विधान के मध्य में मुनि भाव भूषण जी महाराज ने कहा कि अहिंसा की साधना सत्य के बिना संभव नहीं है। झूठा व्यक्ति कभी अहिंसक नहीं हो सकता। मन, वाणी और आचरण यह सत्य की त्रिवेणी है परंतु आज आधुनिक युग में सत्य को केवल वाणी तक ही सीमित कर दिया गया है। सायंकाल में भगवान आदिनाथ की आरती का दीप गुरुकुल के बच्चों द्वारा प्रज्ज्वलित किया गया। इसके पश्चात सांस्कृतिक प्रतियोगिता में बच्चों ने भाव विभोर करने वाली भक्ति एवं भजन प्रस्तुत किए। रविवार को 91 परिवारों की ओर से विधान किया गया। ...