नयी दिल्ली , जनवरी 28 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि सरकार दलितों, पिछड़ों, वंचितों, जनजातीय समाज समेत सभी के लिए पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है और आज करीब 95 करोड़ भारतीयों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है।
श्रीमती मुर्मु ने बुधवार को बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा, " सरकार, दलितों, पिछड़ों, वंचितों, जनजातीय समाज, सभी के लिए पूरी संवेदनशीलता से काम कर रही है। सबका साथ-सबका विकास का विजन देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक प्रभाव ला रहा है। वर्ष 2014 की शुरुआत में सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक ही सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं पहुंच पाती थीं। सरकार के प्रयासों में निरंतरता की वजह से आज करीब 95 करोड़ भारतीयों को सामाजिक सुरक्षा का कवच मिला है।"उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के लिए प्रारम्भ की गयी आयुष्मान भारत योजना से बीते वर्ष तक देश भर के अस्पतालों में 11 करोड़ से अधिक मुफ्त इलाज किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत बीते वर्ष ढाई करोड़ गरीबों को मुफ्त इलाज मिला है। बीते लगभग डेढ़ वर्ष में करीब एक करोड़ बुजुर्गों को वय वंदना कार्ड जारी किये गये हैं। इनकी मदद से करीब आठ लाख बुजुर्गों ने अस्पताल में भर्ती रहते हुए अपना मुफ्त इलाज कराया है। राष्ट्रपति ने कहा कि आज देश में बने एक लाख 80 हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की वजह से मरीजों को घर के पास इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है। सरकार ने बड़ी बीमारियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में साढ़े छह करोड़ से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गयी है। इससे कई जनजातीय इलाकों में इस बीमारी को रोकने में मदद मिली है। मिशन-मोड में चलाये गये अभियानों के कारण जापानी इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। उत्तर प्रदेश के कई पिछड़े इलाकों, ग्रामीण क्षेत्रों में इस रोग की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को आंखों के संक्रमण, ट्रेकोमा से मुक्त घोषित कर दिया है। सरकार हर नागरिक को बीमा सुरक्षा देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और पीएम सुरक्षा बीमा योजना की इसमें बड़ी भूमिका है। इन योजनाओं से करोड़ों जरूरतमंद नागरिकों को बीमा कवरेज मिला है। इनके तहत 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक का दावों का भुगतान भी किया गया है। यह योजनाएं संकट के समय करोड़ों गरीबों का संबल बनी हैं।
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