चंडीगढ़ , अप्रैल 03 -- हरियाणा के श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा है कि श्रम विभाग में वर्कस्लिप अनियमितताओं की जांच को लेकर 22 जिलों में उपायुक्तों की अध्यक्षता में गठित कमेटियों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिसमें लगभग 90 प्रतिशत वर्क स्लिप फर्जी पायी गयी हैं।
मंत्री के अनुसार कुल 21,78,523 वर्क स्लिपों की जांच में केवल 2,70,945 वर्क स्लिप वैध पाई गईं, जबकि 19,07,578 फर्जी निकलीं। वैध श्रमिकों को बोर्ड की योजनाओं का लाभ देने के लिए उनकी आईडी का जल्द नवीनीकरण किया जाएगा और इसके लिए पोर्टल खोला जाएगा।
इसके साथ ही, जिन श्रमिकों की वर्क स्लिप अवैध पाई गई है,उन्हें भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित श्रमिकों को निर्धारित समिति या प्राधिकरण के समक्ष प्रतिवेदन देना होगा।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद उच्च स्तरीय समिति को भेजा गया है। समिति की मंजूरी के पश्चात ही सिफारिशों को लागू किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में वर्क स्लिप से जुड़ी अनियमितताओं का मामला सामने आया था, जिसकी प्रारंभिक जांच में लगभग 1500 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित