हरदोई , फरवरी 15 -- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसी मार्मिक और अविश्वसनीय कहानी सामने आई है, जो किसी फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, लेकिन यह सौ फीसदी सच है। 65 साल पहले डकैतों द्वारा अगवा की गई एक बेटी, 80 वर्ष की उम्र में अपने बेटी के संकल्प के चलते आखिरकार अपने मायके लौट सकी। यह मिलन न सिर्फ एक परिवार के लिए भावुक क्षण था, बल्कि यह रिश्तों की मजबूती और यादों की अमिट छाप का भी प्रमाण बन गया।
कहानी की शुरुआत वर्ष 1961-62 में बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के टोलवा आट गांव से होती है। गांव के बाहर पुरवा में रहने वाले बलदेव के घर डकैतों ने भीषण डकैती डाली। डकैतों को जब घर में कोई कीमती सामान नहीं मिला, तो उन्होंने बलदेव और उनके बेटे शिवलाल को घायल कर दिया और उनकी 15 वर्षीय बेटी मिठनी का अपहरण कर लिया। घटना के कुछ ही समय पहले मिठनी की शादी सुरसा थाना क्षेत्र के पुनुआवर गांव में हुई थी और उसका गौना होने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उसकी जिंदगी ने दर्दनाक मोड़ ले लिया।
डकैत मिठनी को कई दिनों तक जंगलों में घुमाते रहे और बाद में अलीगढ़ क्षेत्र में बेच दिया। यहां दादों थाना क्षेत्र के समेघा गांव के रहने वाले पहलवान सोहनलाल यादव को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिठनी को छुड़ाया और बाद में उससे विवाह कर लिया। मिठनी ने उनके साथ नई जिंदगी शुरू की और उनके आठ बच्चे हुए। हालांकि, अपने मायके और परिवार की याद उनके मन में हमेशा जिंदा रही।
मिठनी अक्सर अपने बच्चों को अपने मायके, सकाहा गांव के शिव मंदिर, पिता बलदेव और भाइयों शिवलाल व सूबेदार के बारे में बताया करती थीं। नोयडा में रहने वाली उनकी सबसे छोटी बेटी सीमा यादव ने मां की इस अधूरी इच्छा को पूरा करने का संकल्प लिया। शुक्रवार को वह अपनी 80 वर्षीय मां को अलीगढ़ से हरदोई लेकर पहुंचीं।
सकाहा के शिव मंदिर पहुंचते ही मिठनी की यादें ताजा हो गईं और उन्होंने अपने गांव का रास्ता पहचान लिया। गांव में उनकी पुत्री ने मिठनी के भाई शिवलाल और सूबेदार के नाम पूछे तो गांव के लोगों ने बताया कि वो दोनों तो नहीं रहे लेकिन उनके परिवार के लोग गांव में रहते थे। जिसके बाद मिठनी और उनकी पुत्री सीमा शिवलाल के मकान में पहुंचे जहां शिवलाल की बहू से उनका सामना हुआ।
पूछताछ के बाद वह अपने भाई शिवलाल के घर पहुंचीं, जहां शिवलाल के घर में भी डकैती और उसमे बहन के अगवा होने की जानकारी पहले से थी। जब मिठनी ने बताया की वो वही है जिसे 65 साल पहले अगवा किया गया था। तो बहू ने अपनी सास छोटी बिटिया को जानकारी दी जिसके बाद मिठनी की भाभी छोटी बिटिया अपनी ननद को घर के अंदर ले गयी।
उन्होंने बताया उनको इस कहानी के बारे में उनके पति शिवलाल ने बताया था उनके मुताबिक उनकी भाभी को इस बात से सुकून मिल गया कि डकैती की घटना में उनके पिता और भाई केवल घायल हुए थे। जबकि मिठनी की एक छोटी बहन भी उनसे मिलने पहुंची थी।
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