चंडीगढ़ , मार्च 03 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत के भटगांव में आयोजित राज्य स्तरीय गौशाला चारा अनुदान वितरण समारोह में प्रदेश की 602 पंजीकृत गौशालाओं के लिए 68 करोड़ 34 लाख रुपये की अनुदान राशि जारी की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा सामाजिक समरसता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा विषय है। सरकार का लक्ष्य गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। भटगांव की दोनों ग्राम पंचायतों और धर्मार्थ गौशाला को 21-21 लाख रुपये देने की घोषणा भी की गई।
सोनीपत जिले की 27 गौशालाओं को 5 करोड़ 60 लाख रुपये जारी किए गए हैं। सरकार के अनुसार पिछले सवा 11 वर्षों में गौशालाओं को 457 करोड़ 41 लाख रुपये दिए गए थे, जो अब बढ़कर 525 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक हो गए हैं। वर्ष 2014 में प्रदेश में 215 पंजीकृत गौशालाएं थीं, जिनकी संख्या बढ़कर 697 हो चुकी है और इनमें लगभग 4 लाख बेसहारा गोवंश को आश्रय मिल रहा है।
सरकार 330 गौशालाओं में सोलर प्लांट स्थापित कर चुकी है और वर्ष 2026-27 तक सभी को सौर ऊर्जा आधारित बनाने का लक्ष्य है। गौशालाओं को 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है। पंचगव्य आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने और ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की योजना भी लागू है। पंचकूला में गोवंश अनुसंधान केंद्र स्थापित किया गया है।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देसी नस्लों के संरक्षण पर बल दिया जा रहा है। 'हरयाणा गौवंश संरक्षण एवं गौसमवर्धन अधिनियम 2015' के माध्यम से गोवंश सुरक्षा के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने समाज से भी गौशालाओं के सशक्तिकरण में सहयोग की अपील की है।
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