भोपाल , नवंबर 19 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में श्यामला हिल्स स्थित राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल के प्रांगण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उद्घाटित 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी के द्वितीय दिवस में विज्ञान वार्ताओं के लोकप्रिय सत्रों का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के सहायक आचार्य डॉ. पुनीत शर्मा तथा डॉ. कुलवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदर्शनी के प्रथम विज्ञान वार्ता सत्र में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल के निदेशक प्रोफेसर आशुतोष कुमार सिंह ने बाल वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वर्तमान समय में प्रासंगिकता और इसके संभावित प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव जीवन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही विद्यार्थियों को आर्यभट्ट के अनुसंधान कार्यों से प्रेरणा लेते हुए देश के नव निर्माण हेतु शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

द्वितीय सत्र में अखिल भारतीय उच्च शिक्षा एवं सूचना प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के चेयरमैन संतोष चौबे ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन के प्रेरक संदेश का अनुकरण करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानवीय दृष्टिकोण के साथ जोड़कर कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में बदलाव लाए जा सकते हैं। उन्होंने विज्ञान और तकनीक के उद्भव से लेकर वर्तमान नवाचारों तक भारतीय भाषाओं के माध्यम से ज्ञान के प्रसार के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

अंतिम सत्र में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र के निदेशक साकेत सिंह कौरव ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के आरंभिक दौर से लेकर चंद्रयान-3 अभियान तक की उपलब्धियों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान में शोध हेतु प्रेरित करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

सायंकाल की सांस्कृतिक संध्या में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के विद्यार्थियों ने शास्त्रीय, पारंपरिक और देशभक्ति गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। डॉ. मधुसूदन पीवी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने केरल के अष्टपदीयाट्टम शैली में भगवान विष्णु के दशावतारों पर आधारित नृत्य-नाट्य प्रस्तुत किया। सत्र का संयोजन डॉ. अरुणाभ सौरभ और डॉ. शिवालिका सरकार ने किया।

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