चंडीगढ़ , अप्रैल 13 -- हरियाणा में बुनियादी ढांचा विकास को तेज करने के लिए प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम जारी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य में 42 प्रमुख परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है, जबकि 40 अन्य परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक में परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और एकीकृत योजना पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी प्रमुख परियोजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए पीएम गतिशक्ति को केंद्रीय योजना उपकरणके रूप में अपनाना जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिये कि 100 करोड़ रुपये से अधिक की सभी परियोजनाओं को इसी ढांचे के तहत मंजूरी दी जाये, जिससे योजना और क्रियान्वयन में एकरूपता बनी रहे। उन्होंने कड़ी निगरानी और समय पर परियोजनाओं को पूरा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
पीएम गतिशक्ति एक जीआईएस आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसमें 2400 से अधिक डेटा लेयर्स शामिल हैं। यह विभिन्न विभागों को रियल टाइम जानकारी उपलब्ध कराकर वैज्ञानिक और डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद करता है। इससे परियोजनाओं की योजना अधिक सटीक बनती है और समयसीमा में सुधार होता है।
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त डॉ अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि चिह्नित परियोजनायें 11 विभागों में फैली हुई हैं। साथ ही 36 विभागों के 500 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे इस प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है।
समीक्षा के दौरान प्रस्तुत केस स्टडी में बताया गया कि बेहतर योजना से गांवों में परिवहन सुविधा सुधरी है और यात्रा दूरी 9.5 किमी से घटकर करीब दो किमी रह गयी है। इसके अलावा, राज्य में कई ग्रीनफील्ड औद्योगिक पार्कों की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे रोजगार और निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
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