रुद्रपुर/देहरादून , जनवरी 25 -- उत्तराखंड पुलिस की विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने ऊधमसिंह नगर में मादक द्रव्य तस्करी के एक ऐसे मामले का खुलासा किया है जिसमें हिस्ट्री शीटर परिवार द्वारा अपने नाबालिग पुत्र से तस्करी करवायी जा रही थी। एसटीएफ ने नाबालिग को संरक्षण में लेते हुए हिस्ट्रीशीटर परिवार के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसएसपी नवनीत भुल्लर ने रविवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ऊधमसिंह नगर जिले के गदरपुर के करतारपुर स्थित वार्ड नंबर -1 में निवासी हिस्ट्रीशीटर शाकिर अली उर्फ नकटा का परिवार रहता है। शाकिर अली एक बड़ा ड्रग तस्कर है।
उसका परिवार ड्रग तस्करी में लिप्त है। शाकिर अली पर नौ मुकदमे जबकि माता शाइन पर छह मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ को स्मैक तस्करी के संबंध में जानकारी मिली। कुमाऊं एसटीएफ की टीम ने परिवार पर नजर रखनी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि कल शाम को एसटीएफ के प्रभारी निरीक्षक पावन स्वरूप की अगुवाई में एसटीएफ और गदरपुर पुलिस की टीम ने शाकिर अली के नाबालिग पुत्र को 112.30 ग्राम स्मैक की तस्करी करते हुए पकड़ लिया।
बरामद स्मैक की कीमत 33 लाख रुपए आंकी गई है। विधि विवादित किशोर को पुलिस ने संरक्षण में ले लिया है। नाबालिग ने बताया कि उसकी मां और पिता के कहने पर वह बरामद स्मैक को एक व्यक्ति को देने के लिए जा रहा था।
श्री भुल्लर ने कहा कि विधि विवादित किशोर की मां शाईन और पिता शाकिर अली के खिलाफ मादक द्रव्य अधिनियम की धारा 8, 21, 60 और सपठित धारा 95 भारतीय न्याय संहिता (समतुल्य) के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। विधि विवादित किशोर को संरक्षण में लेकर भी उचित वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित