पटना , जनवरी 29 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने गुरूवार को कहा कि कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर 30 जनवरी को राज्यभर में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा तथा 31 जनवरी से 13 फरवरी तक कुष्ठ पखवाड़ा मनाया जाएगा।

श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर बिहार सरकार निरंतर प्रतिबद्धता और समन्वित प्रयासों के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, समुदाय आधारित रणनीति और जागरूकता अभियानों के माध्यम से कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा समय पर इलाज सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कुष्ठ रोग पूरी तरह से इलाज योग्य है और सही समय पर पहचान एवं उपचार से न केवल रोगी स्वस्थ हो सकता है, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को भी प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सामाजिक भेदभाव समाप्त करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि 30 जनवरी को राज्यभर में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा, जबकि 31 जनवरी से 13 फरवरी तक राज्यभर में कुष्ठ पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, पंचायतों और ग्राम स्तर पर सभाओं का आयोजन कर आमजन को कुष्ठ रोग के प्रारंभिक लक्षणों एवं निःशुल्क इलाज के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके लिए जिला एवं प्रखंड स्तर पर कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी तय की गई है। वहीं ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता इस अभियान की मुख्य कड़ी होंगी। आशा कार्यकर्ता ग्राम सभा, वार्ड सदस्य एवं ग्राम मुखिया के सहयोग से संदेश पठन और संकल्प कार्यक्रम आयोजित करेंगी।

श्री पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार कुष्ठ पखवाड़ा के दौरान स्कूल क्विज, पोस्टर प्रतियोगिता और प्रभात फेरी जैसे जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से समाज में छिपे हुए कुष्ठ रोगियों की पहचान संभव होगी, जिससे उन्हें समय पर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इन अभियानों से न केवल नए मामलों में कमी आएगी, बल्कि कुष्ठ रोग से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियां और भेदभाव भी समाप्त होंगे।

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