लखनऊ , मार्च 16 -- कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि यह रैली केंद्र सरकार की उदारीकरण और कॉरपोरेट समर्थक नीतियों, बढ़ती महंगाई और गैस सिलेंडरों की किल्लत जैसे मुद्दों के खिलाफ आयोजित की जा रही है।

सोमवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य सुभाषिनी अली ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के युद्ध के प्रभाव से गैस सिलेंडरों की किल्लत बढ़ गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही है। पार्टी ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने और छात्रावासों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रेस कांफ्रेंस में किसान नेता और केरल के पूर्व विधायक पी.कृष्ण प्रसाद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए श्रम कानूनों से मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। उनके अनुसार इन कानूनों के कारण मजदूरों को 12 घंटे तक काम करना पड़ सकता है और हड़ताल के अधिकार भी सीमित हो जाएंगे।

सीपीआईएम ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारतीय बाजार में विदेशी वस्तुएं बिना टैरिफ के आएंगी, जिससे भारतीय व्यापार, कृषि और लघु उद्योगों को नुकसान होगा। पार्टी ने बीज विधेयक को भी किसानों के खिलाफ बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

उन्होंने मनरेगा को बहाल करने, बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर व्यवस्था को रोकने, किसानों की जमीनों के अधिग्रहण को बंद करने और बुलडोजर कार्रवाई रोकने की भी मांग उठाई। साथ ही नफरत की राजनीति के खिलाफ भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।

इस मौके पर सीपीआईएम नेताओं ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और रोटी जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार आंदोलन करती रही है और आगे भी जनता के हक की लड़ाई जारी रखेगी।

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