सुकमा , नवंबर 15 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा में जगरगुण्डा थाना पुलिस ने नक्सल उन्मूलन अभियान में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए लगभग 22 वर्षों से फरार चल रहे वारंटी नक्सली कुंजाम देवा को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी ग्राम मेटागुड़ा निवासी और नक्सली संगठन का सक्रिय मिलिशिया सदस्य बताया गया है। उसकी गिरफ्तारी को सुरक्षा बलों ने क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना है।
कुंजाम देवा का नाम वर्ष 2003 में उस घटना के बाद पुलिस रिकॉर्ड में प्रमुखता से आया था, जब उसने मतदान केंद्र सिलगेर आश्रम के पास सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आईईडी प्लांट किया था। सुरक्षा बलों ने उस विस्फोटक को समय रहते सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई।
इसी मामले में जगरगुण्डा थाने में एक मामला दर्ज किया गया था।इस प्रकरण में आरोपी के खिलाफ न्यायालय ने स्थायी वारंट जारी कर रखा था।
इसके अतिरिक्त आरोपी पर जगरगुण्डा थाना क्षेत्र के तीन अन्य गंभीर मामलों में भी वारंट लंबित हैं।
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुखबिर से सूचना मिलने पर 15 नवंबर को पुलिस अनुविभागीय अधिकारी तोमेश वर्मा के मार्गदर्शन में प्रधान आरक्षक अरविंद राव की टीम मेटागुड़ा इलाके में एरिया डोमिनेशन के लिए रवाना हुई थी। अभियान के दौरान आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार नक्सली को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी और सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ेगा।
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