चंडीगढ़ , दिसंबर 30 -- साल 2025 के दौरान चंडीगढ़ में जहां कुछ गंभीर अपराधों में सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, वहीं वाहन चोरी, साइबर ठगी और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है, खासकर मोटर वाहन चोरी पूरे वर्ष शहर का सबसे बड़ा अपराध रहा।
पुलिस के वार्षिक अपराध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में हत्या के मामलों में वृद्धि दर्ज की गयी है। साल 2024 में जहां 22 हत्याएं हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 26 हो गयी। हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे मामलों में हालांकि कुछ कमी दर्ज की गयी, लेकिन बच्चों और किशोरों से जुड़े यौन अपराधों में चिंताजनक बढ़ोतरी सामने आयी है। बलात्कार और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों की संख्या 47 से बढ़कर 66 तक पहुंच गयी, जिसने शहर की कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है, लेकिन सामाजिक जागरूकता भी बेहद जरूरी है।
अपराध के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली स्थिति मोटर व्हीकल चोरी को लेकर रही। वर्ष 2024 में 1,362 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 1,682 हो गए। औसतन हर दिन चार से अधिक वाहन चोरी हुए। दोपहिया और चारपहिया दोनों ही वाहन इस अपराध की चपेट में रहे। मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में भी हालात चिंताजनक रहे। एनडीपीएस एक्ट के तहत 149 मामले दर्ज किये गये, जिनमें 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हेरोइन, कोकीन, आइस ड्रग, गांजा, चरस और अफीम की बड़ी खेप बरामद की है। जांच में सामने आया कि नशे का नेटवर्क इंटर-स्टेट और इंटरनेशनल स्तर तक फैला हुआ है, जिसमें ड्रोन के जरिए तस्करी, पाकिस्तानी हैंडलर और विदेशी नागरिकों की संलिप्तता भी पायी गयी।
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