चेन्नई , दिसंबर 13 -- भारतीय नौसेना की नौ दिनों की प्रोत्साहन यात्रा 2,000 किमी से अधिक की दूरी तय करके चेन्नई में आईएनएस अड्यार लौट आई।

छह महिंद्रा थार गाड़ियों में सवार होकर बहादुर अधिकारी, नाविक और उनके परिवार के सदस्यों ने तमिलनाडु और पुडुचेरी की यात्रा की और देशभक्ति, अवसर और जिम्मेदारी का एक ऐसा संदेश फैलाया जो हर भारतीय के दिल को छूता है।

गत 4 दिसंबर को निकला यह काफिला चेन्नई, वेल्लोर, कृष्णागिरी, कोयंबटूर, कोडाइकनाल, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, रामेश्वरम, तिरुचिरापल्ली और पुडुचेरी की सड़कों पर चला और फिर शान से बेस पर लौटा। रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हर मील के साथ वे भारतीय नौसेना का गौरव और देश के युवाओं के लिए एक संदेश लेकर चल रहे थे।

मिशन इंस्पायर, कनेक्ट, एम्पावर के साथ यह रैली सिर्फ एक ड्राइव नहीं थी एक आंदोलन था। भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका को इस यात्रा ने उजागर किया और टीम ने ऑपरेशन सिंदूर जैसी जीतों को याद करते हुए सीधे दिल से जुड़ने पर ध्यान केंद्रित किया। टीम ने शैक्षिक आउटरीच के हिस्से के रूप में आठ संस्थानों (पांच कॉलेज और तीन स्कूल) का दौरा किया, जिससे 5,000-6,000 छात्रों और राष्ट्रीय कैडेट कोर के जीवन को छुआ।

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