नयी दिल्ली , दिसंबर 14 -- संयुक्त राष्ट्र के सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को ने समरकंद की आम सभा में 15 दिसंबर को हर साल विश्व तुर्की भाषा परिवार दिवस मनाने का फैसला लिया है।
यह समारोह तुर्की भाषा बोलने वाले लोगों की साझा भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को उजागर करता है और बहुभाषावाद और सांस्कृतिक विविधता के प्रति यूनेस्को की व्यापक प्रतिबद्धता को दृढ़ करता है।
तुर्की भाषा परिवार में अजरबैजानी, कजाख, किर्गिज, तुर्की, तुर्कमेन, उज्बेक जैसी कई भाषाएं शामिल हैं। इसे करीब एक करोड़ 20 लाख वर्ग किलोमीटर के दायरे में 20 करोड़ से ज्यादा लोग बोलते हैं।
इसलिए सोमवार को पहली बार इसे मनाने की तैयारी में संगठन जुटा है।
यूनेस्को का मानना है कि इन भाषाओं में एक समृद्ध लिखित विरासत, मजबूत मौखिक परंपराएं और कई सदस्य देशों में फैली विविध सांस्कृतिक प्रथाएं सन्निहित हैं।
तुर्की भाषा दिवस की घोषणा अजरबैजान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तुर्किये और उज्बेकिस्तान के संयुक्त अनुरोध के बाद की गई है। इसे 21 सदस्य देशों का समर्थन मिला।
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