गोपालगंज , फरवरी 27 -- स्वास्थ्य विभाग ने सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़ते हुए प्रदेश की 13 लाख किशोरियों के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को पूरी तरह निःशुल्क करने का निर्णय लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अभियान का देशव्यापी शुभारंभ शनिवार को राजस्थान के अजमेर से करेंगे। प्रदेश में इस अभियान का शुभारंभ इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान,पटना से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से होगा। अभियान के शुभारंभ के मौके पर प्रदेश के प्रत्येक जिलों में लॉचिंग स्थल पर 20 किशोरियों को ग्राडासील टीका लगाया जाएगा।

सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि अभियान के तहत वैसी किशोरियां जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है लेकिन अभी 15 वर्ष की नहीं हुई हैं, वे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर इस घातक सर्वाइकल कैंसर से बचाव का 'सुरक्षा कवच' प्राप्त कर सकेंगी। यह पहल न केवल स्वास्थ्य बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब तक अत्यधिक महंगा होने के कारण यह टीका केवल संपन्न परिवारों की पहुंच तक ही सीमित था, लेकिन अब इसे जन-जन के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। यह अभियान पहले जिला स्तर पर फिर प्रखंड स्तर पर भी संचालित किया जाएगा।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में महिलाओं के बीच सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है, जिसके कारण हर साल हजारों महिलाएं असमय काल के गाल में समा जाती हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में देश भर में करीब 78,499 नए मामले सामने आए और 42,392 मौतें दर्ज की गईं। यह बीमारी मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण के कारण होती है, जिसे समय रहते केवल एक टीके के माध्यम से 93 प्रतिशत तक रोका जा सकता है। बिहार सरकार ने इसे अपनी प्राथमिकता में रखते हुए राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की सिफारिशों को लागू किया है, जिसके तहत 14 साल की बच्चियों को इस टीके की एक ही खुराक दी जाएगी, जो उन्हें जीवन भर इस जानलेवा संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है।

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