पटना , दिसंबर 09 -- बिहार के उप मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को बताया कि रैयतों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई सरकार की 'नई पहल' के तहत 12 दिसंबर को भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम की शुरूआत की जा रही है।
श्री सिन्हा ने आज समीक्षा बैठक में कहा कि रैयतों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए नई सरकार की 'नई पहल' के तहत भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 12 दिसंबर को पटना से होगी। यह संवाद कार्यक्रम अगले 100 दिनों में राज्य के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें संबंधित जिले के रैयतों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। संवाद के दौरान विभाग के सभी संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
श्री सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम के क्रम में 15 दिसंबर को लखीसराय के टाउन हॉल में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद का आयोजन किया जाएगा। शेष जिलों का कार्यक्रम निर्धारित करने का काम भी चल रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व महा-अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य की जमाबंदी को अपडेट करना है। इस अभियान के दौरान उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण, डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार एवं छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए आवेदन लिए गए थे। इस दौरान सभी रैयतों तक उनकी जमाबंदी की प्रति घर-घर पहुंचाई गई थी। अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर लगाए गए शिविरों में 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 15 लाख आवेदनों की अपलोडिंग अब तक पूरी की जा चुकी है। शेष आवेदनों को 31 दिसंबर तक अपलोड करने का कार्य तेजी से जारी है।उन्होंने कहा कि जनवरी से मार्च के बीच पंचायत स्तर पर ही फिर से शिविर लगाकर सभी आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा।
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