पटना , मार्च 09 -- बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कार्यभार संभालने के बाद 100 दिनों में राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाये हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने आज यहां राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की बैठक में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम उठाये हैं।उन्होंने बताया कि इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को जमीन से जुड़े कार्यों में सुविधा प्रदान करना और लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना है। सबसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में जमीन से संबंधित सभी सेवाओं के लिए बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू की गई है। जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन की जानकारी नहीं है, उनकी सहायता के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीएससी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित ऑपरेटर आम लोगों को आवेदन करने में मदद कर रहे हैं। जनता की समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से अब तक 36 से अधिक सुधारात्मक परिपत्र निकाले जा चुके हैं।

श्री सिन्हा ने बताया कि जनता की समस्याओं को सीधे सुनने के उद्देश्य से 12 दिसंबर से "भूमि सुधार जनकल्याण संवाद" कार्यक्रम की शुरुआत पटना से की गई। इसके तहत अब तक लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, सहरसा, भागलपुर, गया और दरभंगा में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों की शिकायतें सुनी गईं और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई की गई। विभाग ने पहली बार परिमार्जन के मामलों में स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है। लिपिकीय या टाइपिंग त्रुटियों के सुधार के लिए अधिकतम 15 कार्य दिवस, खाता-खेसरा और अन्य तकनीकी त्रुटियों के सुधार के लिए 35 कार्य दिवस तथा जटिल मामलों में जांच के बाद अधिकतम 75 कार्य दिवस की समय सीमा तय की गई है।

उप मुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने बताया कि भूमि मापी की प्रक्रिया को भी समयबद्ध किया गया है। अविवादित भूमि की मापी सात दिन में और विवादित भूमि की मापी 11 दिन में पूरी करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि मापी प्रतिवेदन को 14 दिन के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। दाखिल-खारिज प्रक्रिया को तेज करते हुए बिना आपत्ति वाले मामलों का निष्पादन 14 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया गया है, जबकि पहले इसकी समय सीमा 35 दिन थी।

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