पटना , अप्रैल 09 -- सामाजिक सरोकार पर आधारित हिन्दी फीचर फिल्म 'सरकारी मीडियम' की शूटिंग 17 अप्रैल से 05 मई तक पूर्वी चम्पारण जिले के विभिन्न स्थलों पर की जाएगी।

यह परियोजना न केवल बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि राज्य के स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और सेवा प्रदाताओं के लिए नए अवसर भी सृजित कर रही है। राज सागर फिल्म्स के बैनर तले बन रही इस फिल्म में स्थानीय प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो बिहार फिल्म नीति की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

फिल्म के निर्माता-निर्देशक राज सागर ने बताया कि उनका उद्देश्य बिहार के अधिक से अधिक प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच देना है। यह पहल राज्य सरकार की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को सशक्त बनाने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने पर विशेष बल दिया गया है।

बिहार सरकार की ओर से विकसित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कलाकारों, तकनीशियनों और वेंडरों का पंजीकरण भी इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने फिल्म निर्माण से जुड़े सभी हितधारकों को एकीकृत कर नेटवर्किंग को सरल बनाया है, जिससे निर्माता सीधे स्थानीय संसाधनों से जुड़ पा रहे हैं।

वेंडर श्रेणी में स्टूडियो, एनीमेशन, प्रॉप्स, उपकरण, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, संपादन, वेशभूषा, खानपान, आतिथ्य, सुरक्षा एवं यात्रा सेवाओं जैसी विविध सेवाओं का समावेश किया गया है। वहीं, परफॉर्मेंस श्रेणी में अभिनय, निर्देशन, छायांकन, संगीत, नृत्य, लेखन, ध्वनि डिज़ाइन, संपादन, कला निर्देशन, मेकअप एवं हेयर, वेशभूषा डिजाइन और वीएफएक्स जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

यह संपूर्ण पहल बिहार को एक उभरते फिल्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य की फिल्म नीति और कला एवं संस्कृति विभाग के प्रयासों से अब बिहार की प्रतिभाएं न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय फिल्म उद्योग में भी अपनी पहचान बना रही हैं।

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