हैदराबाद , मार्च 24 -- तेलंगाना के राजस्व, आवास और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि राज्य में लंबे समय से लंबित "सदाबैनामा" आवेदनों का सरलीकृत प्रक्रिया के अतंर्गत जल्द से जल्द निपटारा किया जाएगा।

विधान परिषद सदस्य नेल्लिकंती सत्यम द्वारा उठाए गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि यद्यपि पिछली बीआरएस सरकार ने 2020 से आवेदन स्वीकार किए थे, लेकिन वह आरओआर अधिनियम के अंतर्गत उनके समाधान के लिए एक उचित तंत्र स्थापित करने में विफल रही।

उन्होंने कहा कि यद्यपि इस मुद्दे को बाद में "भू भारती" अधिनियम के अंतर्गत संबोधित किया गया लेकिन खरीदार एवं विक्रेता दोनों से हलफनामे की आवश्यकता ने व्यावहारिक बाधाएं उत्पन्न कीं।

उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से निपटने के लिए, सरकार ने केवल खरीदार से हलफनामा स्वीकार करने का निर्णय लिया है और तदनुसार जी.ओ. 76 जारी किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में नौ लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं और एक व्यापक समाधान अब निकट है।

भूमि सुधारों के संबंध में मंत्री ने कहा कि सरकार आधार कार्ड की तर्ज पर भूमि पार्सल के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या "भूधार" के माध्यम से एक मजबूत भूमि अभिलेख प्रणाली बना रही है।

उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण मानचित्रों से वंचित 413 गांवों में से पांच गांवों में प्रायोगिक पुनर्सर्वेक्षण किया गया और हैदराबाद को छोड़कर 32 जिलों में से प्रत्येक के 70 गांवों में चरणबद्ध तरीके से सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया गया है। सर्वेक्षण पूरा होने पर, भूमि संबंधी मुद्दों के स्थायी समाधान को सुनिश्चित करने के लिए भूधार क्रमांक जारी किए जाएंगे।

भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए, श्री पोंगुलेटी ने खुलासा किया कि कुछ व्यक्तियों ने मी-सेवा संचालकों के साथ मिलीभगत करके 'धरणी' पोर्टल में खामियों का फायदा उठाकर 3.99 करोड़ रुपये का गबन किया है।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है और दोषी लोगों के खिलाफ धन वसूली सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पद की परवाह किए बिना, किसी को भी संलिप्त पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा।

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