गांधीनगर , फरवरी 01 -- गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रविवार को कहा कि 2026-27 का बजट विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लिए 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' को आगे बढ़ाने वाला बजट है।
श्री पटेल ने केंद्रीय बजट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि कर्तव्य भवन में तैयार हुआ बजट तीन कर्तव्यों से प्रेरित है। इन तीन कर्तव्यों में पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज करना और इसे बनाये रखना, दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता निर्माण करना है। तीसरा कर्तव्य सबका साथ, सबका विकास के विजन के अनुरूप है और कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सहित सभी के विकास को प्राथमिकता देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में 'ज्ञान' यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के साथ ही दिव्यांगजनों का आधार मजबूत होगा। इतना ही नहीं, समाज के सभी क्षेत्रों और प्रत्येक वर्ग को विकसित भारत के निर्माण में शामिल करने का बहुत ही सराहनीय दृष्टिकोण रखा गया है। इस केंद्रीय बजट से गुजरात को भविष्य में होने वाले फायदों का स्वागत करते हुए कहा कि लोथल और धोलावीरा का देश के पुरातात्विक विरासत क्लस्टर टूरिज्म डेवलपमेंट में समावेशहुआ है। इससे गुजरात में पर्यटन के माध्यम से 'विकास भी, विरासत भी' का दृष्टिकोण साकार होगा।
देश में 20 आइकॉनिक पर्यटन स्थलों के लिए 10 हजार टूरिस्ट गाइड तैयार करने की योजना से गुजरात के आइकॉनिक टूरिस्ट स्थलों में भी स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने इसे शहरी विकास को नयी दिशा देने वाला बजट करार दिया और कहा कि इस बजट में शहरी उत्कर्ष के लिए प्रधानमंत्री की अटूट संकल्पबद्धता प्रतिबिंबित हुई है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर- टू और टियर-थ्री शहरों को सिटी इकोनॉमिक रीजन बनाने की घोषणा से राज्य के छोटे शहरों का सुव्यवस्थित विकास में तेजी आएगी।
देश में म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने के मामले में गुजरात के अग्रणी होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि म्युनिसिपल बॉन्ड मार्केट को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार का प्रशंसनीय कदम है। इस बजट में म्युनिसिपल बॉन्ड के लिए जिन प्रोत्साहनों की घोषणा की गयी है, उसका लाभ गुजरात की म्युनिसिपालिटीज को भी मिलेगा।
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