हल्द्वानी , अप्रैल 12 -- उत्तराखंड में नशामुक्ति के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रविवार को हल्द्वानी में आयोजित 'रन फॉर अवेयरनेस' रैली को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए।
एमबी इंटर कॉलेज मैदान से रैली को रवाना करने से पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन एक स्वस्थ, समृद्ध और नशामुक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा एक "साइलेंट वार" की तरह समाज में फैल रहा है, जिसका सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मजाक या प्रयोग के तौर पर शुरू हुआ नशा धीरे-धीरे जीवन को बर्बादी की ओर ले जाता है और पूरे परिवार को प्रभावित करता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त भारत अभियान' से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार इस दिशा में मिशन मोड में कार्य कर रही है। वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से हजारों आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की बरामदगी की गई है। साथ ही राज्य में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी (एटीएफ) केंद्रों का संचालन किया जा रहा है और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी इनकी स्थापना की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए 'दगड़िया क्लब' जैसे प्रयास किए जा रहे हैं, जो उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर मौजूद लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई। इस दौरान संत समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही प्रमुख रूप से कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट, किसान आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी सी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
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