मुंबई , दिसंबर 29 -- शिवसेना (यूबीटी) नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सोमवार को कहा कि आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों में 'मुंबई का सौदा' करने वालों को विफल करना पार्टी का मुख्य उद्धेश्य है।
श्री राउत ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्र और राज्य में सत्ता में बैठे हुए लोग मुंबई को उद्योगपति गौतम अडानी को सौंपने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम इन कोशिशों को नाकाम करने के लिए लड़ रहे हैं। हम सड़कों पर उतर रहे हैं। यह संघर्ष उन लोगों के साथ भी जारी रहेगा जो हमारे साथ खड़े हैं और उनके साथ भी जो नहीं हैं।"उन्होंने दावा किया कि भले ही गौतम अडानी और शरद पवार के बीच व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर के संबंध हो सकते हैं, लेकिन शरद पवार की पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मुंबई की रक्षा की लड़ाई में मजबूती से शिवसेना (उद्धव) के साथ हैं। उन्होंने आगे कहा कि वामपंथी दल, शेतकारी कामगार पार्टी और कांग्रेस भी इस उद्देश्य का समर्थन कर रहे हैं।
श्री राउत ने शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच गठबंधन के बाद संभावित असंतोष और विद्रोह के सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब भी दो पार्टियां एक साथ आती हैं, तो उन कार्यकर्ताओं में असंतोष होना स्वाभाविक है जिन्हें अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने हालांकि दावा किया कि अब तक पार्टी के भीतर ऐसा कोई खुला असंतोष सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट के विपरीत, जहां असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने ठाणे और मुंबई में सड़कों पर प्रदर्शन किया है, शिवसेना (उद्धव) में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
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