जयपुर , फरवरी 17 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से लागू होने वाली प्रणाली भारत विस्तार को कृषि के आधुनिकीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा है कि यह तकनीकी प्रणाली किसानों की खुशहाली को बढ़ायेगी।
श्री शर्मा मंगलवार को दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान से आयोजित भारत विस्तार के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने आधार, यूपीआई और एग्रीस्टेक जैसे मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म की तर्ज पर कृषि में ए.आई.पर आधारित एक राष्ट्रीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भारत-विस्तार तैयार किया है। यह एक ऐसा तकनीकी बदलाव है जहां तकनीक, ज्ञान और किसान एक साथ आगे बढ़ते हैं। भारत विस्तार के माध्यम से किसानों के फोन में फसल की योजना, खेती के बेहतर तरीके, कीट से बचाव, मौसम की जानकारी, बाजार भाव, मत्स्यपालन, पशुपालन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी। इससे प्रदेश के किसानों को भी व्यापक फायदा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विस्तार के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़ी जानकारी और सेवाएं सीधे बातचीत के माध्यम से तुरंत उनकी भाषा में मिलेंगी। महाराष्ट्र से महाविस्तार, बिहार से बिहार कृषि, और गुजरात से अमूल जैसे सिस्टम पहले ही इससे जुड़ चुके हैं। यह एक साझा डिजिटल आधार है, जो केंद्र और राज्यों की प्रणालियों को जोड़कर किसानों तक सेवाएं सरल, एकीकृत और भरोसेमंद तरीके से पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
श्री शर्मा ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं है, वह इस राष्ट्र की नींव है। हमारा किसान वैज्ञानिक तरीके से कृषि करेंगे तो निश्चित उसकी आय बढ़ेगी, जिससे देश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि हमें कृषि को आगामी पीढ़ी के लिए संजोकर रखना चाहिए। अधिक खाद और कीटनाशक के उपयोग से मृदा खराब होती है। इसलिए यह जरूरी है कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही आवश्यकतानुसार खाद एवं कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि देश में चार जातियां हैं.. युवा, महिला, किसान और मजदूर। इनके उत्थान के लिए हम कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में कृषि के साथ-साथ पशुपालन पर भी ध्यान दिया है। इसके लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 14 लाख से अधिक पशुओं की निःशुल्क बीमा पॉलिसी जारी हो चुकी है। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से पशुपालक परिवारों को 676 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया गया है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को पांच रुपये प्रति लीटर आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश बाजरा, सरसों, तिलहन, जौ, ग्वार, ईसबगोल और जीरा के उत्पादन में पूरे देश में पहले स्थान पर है, जो प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार पूरी निष्ठा से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गेहूं की खरीद पर बोनस, 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण, 18 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण, दो लाख से अधिक नये कृषि कनेक्शन जारी तथा 63 हजार से अधिक सोलर पंप जैसे निर्णयों से किसान सशक्त हुये है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि राज्य सरकार उन्नत एवं तकनीक आधारित कृषि को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार कृषि यंत्रों पर अनुदान, मिनी किट वितरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, ग्रीनहाउस को प्रोत्साहन सहित अनेक ऐसे नवाचार कर रही है जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। साथ ही, नकली खाद, बीज एवं कीटनाशक विक्रेताओं पर कार्रवाई की जा रही है जिससे पारदर्शिता बढ़ रही है।
इस दौरान भारत विस्तार के माध्यम से किसानों द्वारा संवाद का सीधा प्रदर्शन किया गया एवं किसानों ने भारत विस्तार नं. 155261 पर बात कर अपनी कृषि से जुड़ी समस्याएं रखी एवं एआई के माध्यम से तुरंत समाधान प्राप्त किया।
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