नयी दिल्ली , मार्च 15 -- भारत में ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के तेजी से विस्तार के बीच एक नया राष्ट्रीय मोबिलिटी प्लेटफॉर्म 'नेमभारत ((नेशनल इकोनॉमिक एंड इलेक्ट्रिक मोबिलिटी))' जल्द लॉन्च होने जा रहा है।
इस पहल को वर्ल्ड इकोनॉमिक मोबिलिटी लिमिटेड (डब्ल्यूईएमएल) द्वारा संचालित किया जाएगा और इसका संचालन नारायणहिती ट्रस्ट के ट्रस्ट-गवर्नेंस मॉडल (विश्वास-आधारित शासन प्रणाली) के तहत किया जाएगा। इस प्लेटफॉर्म में सभी वर्ग के हितों के ध्यान रखने के साथ ही यात्रा बाधा रहित, सुरक्षा मानकों से लैस और आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने का भी दावा किया गया है।
कंपनी का दावा है कि यह देश का पहला ट्रस्ट-गवर्न्ड नेशनल ऑन-डिमांड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म पर आधारित होगा, जिसका उद्देश्य कैब ड्राइवरों की आय को सुनिश्चित करने और यात्रियों के लिए पारदर्शी किराया व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
डब्ल्यूईएमएल के निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक के. शाह ने कहा कि नेमभारत का उद्देश्य देश में एक मानकीकृत और पारदर्शी मोबिलिटी फ्रेमवर्क तैयार करना है। श्री शाह के अनुसार यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह प्रीपेड और कैशलेस संरचना पर आधारित होगा। इसमें ड्राइवरों से किसी प्रकार का कमीशन या सब्सक्रिप्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही यात्रियों को सर्ज प्राइसिंग यानी मांग बढ़ने पर किराये में अचानक बढ़ोतरी जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
श्री शाह ने बताया कि मौजूदा प्लेटफॉर्म मॉडल में अक्सर ड्राइवरों की कमाई और यात्रियों के किराये को लेकर अनिश्चितता रहती है। उन्होंने कहा कि नेमभारत इस समस्या को खत्म करते हुए एक सरल, सुरक्षित और जवाबदेह मोबिलिटी सिस्टम तैयार करेगा।
श्री शाह के अनुसार इस मॉडल की प्रेरणा 2019 में उद्योगपति रतन टाटा से मिली मेंटरशिप से मिली थी, जिसने उद्देश्य-आधारित स्वामित्व मॉडल को विकसित करने में मार्गदर्शन दिया। इस मॉडल का लक्ष्य वर्कफोर्स की गरिमा को बनाए रखते हुए आर्थिक विकास को सामाजिक हितों से जोड़ना है।
नेमभारत पहल डब्ल्यूईएमएल के व्यापक 'नेशनल मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम' कार्यक्रम का हिस्सा है। इसके तहत ऑन-डिमांड शहरी परिवहन सेवाओं को पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और सिविल एविएशन से जुड़ी मोबिलिटी सेवाओं के साथ जोड़ने की योजना बनाई गई है, ताकि शहरी और इंटरसिटी यात्रा को एकीकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुगम बनाया जा सके।
डब्ल्यूईएमएल की निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी डॉ. कांची शर्मा ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा और यात्रियों के लिए पारदर्शी सेवा व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म को उपभोक्ता संरक्षण और प्लेटफॉर्म गवर्नेंस से जुड़े उभरते मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, ताकि यात्रियों की शिकायत निवारण, सेवा पारदर्शिता और किराये की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
सुश्री शर्मा ने बताया कि नेमभारत प्लेटफॉर्म पर कैब, ऑटो-रिक्शा और अन्य शहरी परिवहन सेवाएं एक ही ऐप पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने कमर्शियल ड्राइवर पार्टनर्स के लिए एक विशेष कल्याणकारी ढांचे की भी घोषणा की गयी है। इसके तहत ड्राइवरों को 15 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा, जो दुर्घटना, बीमारी या मृत्यु जैसी परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा।
सुश्री शर्मा के अनुसार यह सुविधा उन ड्राइवरों को मिलेगी जिन्होंने 'नेशनल मोबिलिटी स्टार ट्रेनिंग प्रोग्राम' पूरा किया होगा। साथ ही प्लेटफॉर्म से जुड़े गिग वर्कर्स को मोबिलिटी इकोसिस्टम के अन्य क्षेत्रों-जैसे टूरिज्म सर्विस, इंटरसिटी मोबिलिटी सपोर्ट और हॉस्पिटैलिटी लॉजिस्टिक्स-में भी वैकल्पिक रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
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