वाराणसी , जनवरी 12 -- धार्मिक नगरी काशी में दशाश्वमेध घाट के सामने सोमवार को गंगा की रेती पर कचौड़ी-जलेबी के स्वाद के साथ पतंगबाजी की चौपाल जमी। मकर संक्रांति की दस्तक के साथ ही काशी में गंगा की रेती 'भाक्काटे... भाक्काटे' के शोर से गुलजार हो उठी।
यह मौका था नगर निगम द्वारा आयोजित दो दिवसीय पतंग प्रतियोगिता के पहले दिन का, जहां परंपरा, स्वाद और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिला। धूप के बीच आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से पट गया और रेती पर बनारसी खान-पान की खुशबू भी बिखर रही थी।
प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ बेहद दिलचस्प रहा। महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने खुद चरखी थामी और पतंग की डोर संभालकर पेंच लड़ाने मैदान में उतर आए। दोनों के बीच हुए कड़े मुकाबले में महापौर के दांव भारी पड़े और देखते ही देखते नगर आयुक्त की पतंग कटकर हवा में गोते खाने लगी। जैसे ही नगर आयुक्त का पेंच कटा, पूरी रेती 'भाक्काटे' की गूंज से सराबोर हो गई। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों और मेहमानों के लिए बनारसी कचौड़ी और गरमा-गरम जलेबी का विशेष प्रबंध किया गया था। रेती पर एक ओर पेंच लड़ रहे थे, तो दूसरी ओर लोग कचौड़ी-जलेबी का आनंद लेते हुए अपनी टीम का उत्साह बढ़ा रहे थे।
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