चंडीगढ़ , मार्च 19 -- हरियाणा में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम अब केवल एक सरकारी योजना न रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला जन आंदोलन बन चुका है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने यह बात चंडीगढ़ स्थित निवास पर आयोजित सम्मान समारोह में कही।

उन्होंने बताया कि राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2014 में यह आंकड़ा 871 था, जो 2025 में बढ़कर 923 तक पहुंच गया है। इसे समाज की बदलती सोच और सरकार की प्रभावी नीतियों का परिणाम बताया गया।

मंत्री ने कहा कि इस सुधार के पीछे पीसीपीएनडीटी अधिनियम का सख्ती से पालन, अवैध लिंग चयन पर रोक, गर्भावस्था की रिवर्स ट्रैकिंग और विभागों के बेहतर समन्वय जैसे कदम अहम रहे हैं। फतेहाबाद, पानीपत और पंचकूला जिलों में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कई छापेमारी कर कार्रवाई की गयी।

वर्ष 2025 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में पंचकूला, फतेहाबाद और पानीपत शामिल रहे, जहां लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया। इन जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को समारोह में सम्मानित किया गया।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि समाज में बेटियों के प्रति बढ़ते सम्मान और समानता की भावना को दर्शाती है। सरकार बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

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