नयी दिल्ली , फरवरी 08 -- दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने रविवार को देश के सबसे पुराने मोटर रैलियों में से एक 'द स्टेट्समैन विंटेज और क्लासिक कार रैली' के 59वें संस्करण को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
बाराखंभा रोड स्थित 'द स्टेट्समैन हाउस' से शुरू हुई इस रैली ने राजधानी के हृदय स्थल को पुरानी कारों के एक चलते-फिरते संग्रहालय में बदल दिया।
विंटेज श्रेणी (1939 तक निर्मित कारें) में प्रतिष्ठित 'स्टेट्समैन चैलेंज' और 'बेस्ट ओवरऑल परफॉर्मेंस' (विंटेज ट्रॉफी) पुरस्कार श्री गिडवानी को उनकी 1935 की बेंटले के लिए प्रदान किया गया। 'इंडियन ऑयल हेरिटेज प्रिजर्वेशन ट्रॉफी' पुरस्कार राष्ट्रीय रेल संग्रहालय को उनके ऐतिहासिक 1914 जॉन मॉरिस एंड संस फायर इंजन के लिए मिला, जबकि 'पीएनबी हाउसिंग विंटेज एक्सीलेंस ट्रॉफी' पुरस्कार रंजीत मल्लिक को उनकी 1936 की बेंटले के लिए मिला।
क्लासिक श्रेणी (1940-1956; 1500 सीसी से ऊपर) में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखी गई। 'स्टेट्समैन सिल्वर जुबली क्लासिक एलिगेंस एंड परफॉर्मेंस ट्रॉफी' पुरस्कार सूर्यवीर चौहान को उनकी 1947 एमजी के लिए प्रदान किया गया। हेरिटेज मोटरिंग क्लब ऑफ इंडिया की 'क्लासिक एरा मास्टरी ट्रॉफी' (उपविजेता) पुरस्कार उदय बहादुर को दिया गया, जिन्होंने अपनी 1966 की बेंटले से निर्णायकों को प्रभावित किया।
युद्धोत्तर खंड (1945-1962; 1500 सीसी से ऊपर) में हर्षपति सिंघानिया ने अपनी 1958 की शेवरले के लिए 'स्टेट्समैन डायमंड जुबली पोस्ट-वार एलिगेंस अचीवमेंट ट्रॉफी' पुरस्कार जीता, जबकि जयदीप फूकन ने 1962 की मर्सिडीज-बेंज के साथ 'ऑयल इंडिया पोस्ट-वार एक्सीलेंस परफॉर्मेंस ट्रॉफी' पुरस्कार हासिल किया। इन प्रमुख पुरस्कारों के अलावा विभिन्न श्रेणियों में 80 से अधिक प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
पुरस्कारों का वितरण द स्टेट्समैन ग्रुप के अध्यक्ष आर. पी. गुप्ता, निदेशक विनीत गुप्ता, प्रबंध निदेशक रवींद्र कुमार, आईओसीएल के कार्यकारी निदेशक हेमंत राठौर, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक अरविंद कुमार पांडेय और भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने किया।
इस अवसर पर उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने कहा, "मेरा मानना है कि दिल्ली में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित होने चाहिए। यहाँ के लोग बेहद उत्साही हैं और प्रतिभागियों का जोश साफ दिखाई दे रहा है। मैं द स्टेट्समैन और उनकी पूरी टीम को इतना सुंदर आयोजन करने के लिए बधाई देता हूँ।"दिल्ली और कोलकाता में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली यह रैली भारत और उपमहाद्वीप में सबसे पुराने मोटर कार रैलियों में से एक है। पहली बार 1964 में दिल्ली में आयोजित इस रैली का विस्तार 1968 में कोलकाता तक किया गया था।
इस वर्ष की रैली में 1936 की रोल्स-रॉयस, 1926 की स्टडबेकर एर्स्किन, 1906 की रेनॉल्ट, 1935 की राइटक्राफ्ट, 1938 की मर्सिडीज-बेंज, 1937 की वॉल्स्ले, 1932 की बेबी ऑस्टिन और 1912 की स्टैंडर्ड कोवेंट्री सहित 100 से अधिक वाहनों ने भाग लिया।
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