कोलकाता , फरवरी 05 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार से बहुत कम या बिल्कुल भी समर्थन नहीं मिलने के बावजूद उनकी सरकार ने राज्य का बजट पेश किया है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बजट पेश होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हालिया केंद्रीय बजट में पश्चिम बंगाल की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा, "इतनी वंचना के बावजूद हमने चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का यह बजट तैयार किया है। केंद्र ने बंगाल को कुछ नहीं दिया है।" उन्होंने कहा कि केंद्र पर राज्य का बकाया अब लगभग 02 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
सुश्री बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय बजट को 'दिशाहीन, भविष्यहीन और नौकरीहीन' बताया। उन्होंने कहा, "अब हम गर्व से कह सकते हैं कि अपनी सीमित क्षमता के भीतर हम यह बजट तैयार करने में सफल रहे हैं। हर एजेंसी द्वारा अपमानित किए जाने के बावजूद हम अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं। जनता का विश्वास हमारे साथ है।"मुख्यमंत्री ने बंगाल के खिलाफ भेदभाव के अपने आरोप को दोहराते हुए केंद्र द्वारा किए जा रहे सौतेले व्यवहार को रेखांकित करने के लिए बंगाली लोककथाओं के 'सुओरानी-दुओरानी' (राजा की पसंदीदा रानी और उपेक्षित रानी) रूपक का सहारा लिया। उन्होंने आरोप लगाया, "वे लगातार बंगाल को वंचित कर रहे हैं। जहाँ कहीं भी संभव हो, लोगों को बंगलादेशी बताकर पीटा जा रहा है। यहाँ तक कि गर्भवती महिलाओं को भी नहीं बख्शा जा रहा है। कोई पैसा जारी नहीं किया जा रहा है, केवल नागरिकता छीनने की साजिश रची जा रही है।"सुश्री बनर्जी ने महंगाई भत्ते (डीए) पर उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्देश पर सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार को अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है। उन्होंने कहा, "हमें अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है। पहले हमें इसे पढ़ना होगा। अदालत के निर्देशानुसार एक समिति बनाई गई है जिसमें उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश शामिल हैं, लेकिन इसमें पश्चिम बंगाल का कोई प्रतिनिधि नहीं है। हमने मुख्य सचिव के नेतृत्व में भी एक समिति गठित की है और हम उनकी राय के अनुसार काम करेंगे।"मुख्यमंत्री ने केंद्रीय दरों पर डीए की बहस पर राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन के मुद्दे का उल्लेख किया। उन्होंने पूछा, "कोई अन्य राज्य पेंशन नहीं देता है। पश्चिम बंगाल में कर्मचारियों को जो मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता। अगर मैं पेंशन बंद कर दूँ, तो मैं बहुत सारा पैसा बचा सकती हूँ। लेकिन पेंशन पर निर्भर रहने वाले लोग क्या करेंगे?"सुश्री बनर्जी ने रोजगार संबंधी उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक केंद्रीय रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी में 45.65 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने दावा किया, "हम इसके लिए सभी के आभारी हैं। हमने 1.72 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि घाटल मास्टर प्लान पर काम शुरू हो गया है।
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद पूर्व वित्त मंत्री अमित मित्रा ने बजट के आर्थिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि राज्य के बजट का आकार चार लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, जो अभूतपूर्व है।
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