जालंधार , फरवरी 4 -- पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक सुखपाल सिह खैरा ने बुधवार को कहा कि राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार कथित तौर पर पूरे राज्य में मतदाताओं का निजी डेटा बड़े पैमाने पर इकट्ठा करने के लिए पंजाब के मुख्य सचिव पर दबाव डाल रही है जिसका चुनावी फ़ायदे के लिए गलत इस्तेमाल की गंभीर संभावना है।

श्री खैरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिख कर इस मामले की तुरंत जांच करवाने और पंजाब में मुख्य सचिव कार्यालय से जुड़ी प्रशासनिक मशीनरी के कथित गलत इस्तेमाल के बारे में तुरंत दखल देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह मामला सीधे तौर पर प्रशासनिक दक्षता, नागरिकों की गोपनीयता और हमारे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता से जुड़ा है।

उन्होंने कहा, "मेरे ध्यान में आया है कि पंजाब के मुख्य सचिव पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार कथित तौर पर सरकारी खजाने के खर्च पर, पूरे राज्य में मतदाताओं का निजी डेटा बड़े पैमाने पर इकट्ठा करने के लिए दबाव डाल रही है, और जिसके चुनावी फ़ायदे के लिए पॉलिटिकल गलत इस्तेमाल की गंभीर संभावना है।" उन्होंने कहा कि मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्य सचिव ने तथाकथित "कास्ट एंड ड्रग सेंसस" के बारे में निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत अधिकारियों को नागरिकों से 127 निजी सवालों के जवाब मांगने के लिए कहा गया है। इनमें आधार और पैन कार्ड की जानकारी, जाति, धार्मिक मान्यताएं, कोई व्यक्ति किस डेरे में जाता है, ड्रग्स और गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई पर विचार, और मुफ्त बिजली जैसी सरकारी योजनाओं से संतुष्टि का लेवल जैसी बहुत संवेदनशील विवरण शामिल होने की खबर है।

श्री खैरा ने कहा कि इन सवालों की प्रकृति और स्कोप किसी भी सही प्रशासनिक या कल्याण मकसद से कहीं ज़्यादा लगता है और दखल देने वाले, भेदभाव वाले और राजनीतिक रूप से प्रभावित लगते हैं। उन्होने कहा, "मुझे यह भी बताया गया है कि इस अभ्यास के लिए मालवा (लालड़ू), दोआबा (अमृतपुर, सुल्तानपुर लोधी) और माझा (कोटली शाह, अजनाला) से तीन गांवों को पायलट के तौर पर चुना गया है। इस बात का गंभीर शक है कि इस पायलट को आगे चलकर स्टेट-लेवल सर्वे में बदला जा सकता है, जिससे 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी पार्टी के मतदाताओं का राजनैतिक डेटाबेस तैयार करने की संभावना बन सकती है। अगर यह सच है, तो यह पार्टी के मकसद के लिए सिविल सर्विसेज़ और सरकारी पैसे का गंभीर गलत इस्तेमाल होगा।"उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेनिंग के ज़रिए, इस मामले की तुरंत जांच करे और यह पक्का करने के लिए सही दिशानिर्देश जारी करे कि मुख्य सचिव और दूसरे अधिकारी को ऐसा कोई काम करने के लिए मजबूर न किया जाए जिससे पार्टी के राजनैतिक फायदे हों। नागरिकों का कोई भी निजी या संवेदनशील डेटा बिना साफ कानूनी इजाज़त इकट्ठा नहीं किया जाना चाहिए। पंजाब में सिविल सर्विसेज़ की ईमानदारी और आज़ादी को सख्ती से बनाए रखा जाना चाहिए।

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