नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- सरकार ने 'उड़ान' योजना के तहत विमान सेवा कंपनियों को कुल 4,494 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि (वीजीएफ) दी है।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को राज्य सभा में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि 'उड़ान' योजना के तहत अबतक 657 रूट का आवंटन किया गया है और 1.59 करोड़ यात्रियों ने रियायती किराये पर यात्रा की है। उन्होंने कहा कि 'उड़ान' योजना के काफी अच्छे परिणाम आये हैं और यह आगे भी जारी रहेगी।
एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सदन को सूचित किया कि 20 जनवरी 2026 तक वीजीएफ राशि के रूप में संबंधित विमान सेवा कंपनियों को अबतक 4,494 करोड़ रुपये दिये हैं।
उल्लेखनीय है कि छोटे और मझौले शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए सरकार ने 'उड़ान' (उड़े देश का आम नागरिक) के नाम से क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) शुरू की थी। इसके तहत सरकार दूरी से हिसाब से हर रूट पर उड़ान की सीटों के लिए न्यूनतम किराया तय करती है। इससे विमान सेवा कंपनी को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए उसे प्रति 'उड़ान'-सीट निर्धारित वीजीएफ दिया जाता है। रूट का आवंटन बोली के आधार पर उस कंपनी को किया जाता है जो सबसे कम वीजीएफ की मांग करती है।
श्री मोहोल ने इस संबंध में पूछे गये एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि सरकार ने योजना के तहत अगले 10 साल में 120 और शहरों को जोड़ने तथा चार करोड़ यात्रियों को हवाई यात्रा के विकल्प उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।
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