आइजोल , जनवरी 26 -- दक्षिण मिजोरम में सी. ह्रांगथियांगा ने लाई स्वायत्त जिला परिषद (एलएडीसी) प्रोटेम अध्यक्ष के तौर पर शपथ ली है। यह शपथ ग्रहण समारोह लॉन्ग्टलाई जिले में हुआ।
परिषद के अध्यक्ष कक्ष में दोपहर 12:30 बजे हुए शपथ ग्रहण समारोह ने 25 सदस्यों वाली परिषद में एक नई कार्याकारिणी समिति बनाने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया। यह शपथ ग्रहण समारोह जिला परिषद सचिवालय के उप सचिव एफ. एल. कुंगपुई ने किया। उन्होंनेह्रांगथियांगा को प्रोटेम अध्यक्ष नियुक्त करने की सरकारी अधिसूचना पढ़ा। लॉन्ग्टलाई के उपायुक्त डॉनी लालरुअत्संगा ने पद की शपथ दिलाई।
लॉन्ग्टलाई कॉलेज वेंग चुनाव क्षेत्र से चुने गए ह्रांगथियांगा परिषद के अध्यक्ष के चुनाव की अध्यक्षता करेंगे, जो नए प्रशासन के गठन में एक अहम प्रक्रियागत कदम है। मिज़ो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) और कांग्रेस के एमडीसी , कार्यकारी सचिव के. ललथनज़ारा सहित जिला परिषद के वरिष्ठ अधिकारी और मीडिया के प्रतिनिधि इस समारोह में शामिल हुए।
श्री ह्रांगथियांगा ने शपथ लेने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए भगवान और पार्टी नेताओं को उन्हें यह ज़िम्मेदारी सौंपने के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि परिषद स्थिर और प्रगतिशील तरीके से काम करेगा।
यह घटनाक्रम हाल के दिनों में लॉन्ग्टलाई जिले में बढ़े राजनीतिक तनाव के बीच हुआ है। इलाके के सबसे बड़े नागरिक समाज संगठन, सेंट्रल लाई यंग एसोसिएशन (सीवाईएलए) ने एलएडीसी कार्यकारिणी समिति के गठन में देरी का विरोध करते हुए अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया था, लेकिन राज्य सरकार के दखल के बाद इसे वापस ले लिया गया।
रविवार को राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर यूनाइटेड लेजिस्लेचर पार्टी (यूएलपी) के नेता सी. लालसामज़ुआला को राज्यपाल की मंज़ूरी के बाद 22 जनवरी से एलएडीसी का मुख्य कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त किया गया।
एक और अधिसूचना में श्री ह्रांगथियांगा को बुधवार को होने वाले अध्यक्ष के चुनाव की देखरेख के लिए प्रोटेम अध्यक्ष बनाया गया। इस पद के लिए नामांकन मंगलवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर तीन बजे के बीच दाखिल किए जाएंगे।
श्री लालसामज़ुआला मंगलवार को दोपहर 1:30 बजे एलएडीसी सभागार में मुख्य कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर शपथ लेंगे और उन्हें गुरुवार को सदन में अपनी बहुमत साबित करना होगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल तीन दिसंबर को हुए एलएडीसी चुनावों में खंडित जनादेश मिला था, जिसमें एमएनएफ आठ सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, उसके बाद कांग्रेस सात, ज़ोरम पीपल्स मूवमेंट छह, भाजपा दो और दो निर्दलीय थे।
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