रुद्रप्रयाग , फरवरी 26 -- उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा एवं आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, देहरादून के निर्देशों के क्रम में होली पर्व को ध्यान में रखते हुए अगस्त्यमुनि क्षेत्र में जिला प्रशासन एवं खाद्य संरक्षा प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा गुरुवार को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया।

अपर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग श्याम सिंह राणा के नेतृत्व में किये गये इस औचक निरीक्षण से क्षेत्र के व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति रही। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रुद्रप्रयाग पवन कुमार द्वारा आज बताया गया कि जांच कार्य के लिए टीम के साथ रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार, बेकरियां, रिटेलर, होलसेलर एवं वितरकों के प्रतिष्ठानों में विक्रय हो रहे खाद्य पदार्थों एवं मिठाइयों की सघन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान कुल आठ खाद्य नमूने एकत्रित कर राज्य खाद्य विश्लेषणशाला, रुद्रपुर को परीक्षण हेतु भेजे गये। इनमें संदेहास्पद मावा के दो नमूने दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों से लिये गये। इसके अतिरिक्त बाजार में बिक रहे गुलाब जामुन, लड्डू, सूजी, पास्ता, रंगीन कचरी तथा सरसों के तेल के नमूने भी प्रयोगशाला जांच हेतु संग्रहित किये गये हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी।

अभियान के दौरान कतिपय प्रतिष्ठानों में रंगीन एवं बासी मिठाइयां तथा एक्सपायरी बिस्कुट, मसाले, नूडल्स, रिफाइंड तेल, रंगीन चिप्स, सोनपापड़ी एवं दूध पाए गए, जिन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए मौके पर ही नष्ट कराया गया। दो खाद्य प्रतिष्ठानों में पायी गई अनियमितताओं एवं नियमानुसार खाद्य लाइसेंस न बनाए जाने पर नोटिस जारी किये जा रहे हैं।

सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को स्वच्छता मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने, खाद्य पदार्थों का क्रय-विक्रय बिल के साथ करने तथा किसी भी प्रकार के एक्सपायरी खाद्य पदार्थ का विक्रय न करने के सख्त निर्देश दिये गये।

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