पटना , मार्च 04 -- होली के रंगों ने बुधवार को बिहार की सियासी फिजा को गुलजार कर दिया और प्रमुख नेता अपने अपने अंदाज में "कुर्ता फाड़" से लेकर गुलाल के स्पर्श तथा प्रेम से भरी होली खेलते नजर आए । होली के अवसर पर आज राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद के पुत्र तेजप्रताप यादव अपने जश्न के अंदाज़ से चर्चा में रहे। पार्टी कार्यालय में श्री यादव ने कुर्ता फाड़ होली खेली और अपने पिता श्री प्रसाद और यादव परिवार की 1990 से चली आ रही पुरानी स्मृतियों को ताजा कर दिया। तेजप्रताप ने रंगों की बौछार और ढोल की थाप के साथ अपने समर्थकों को होली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व प्रेम और एकता का प्रतीक है। उन्होंने विश्व शांति की कामना करते हुए कहा कि दुनिया भर में चल रहे संघर्ष जल्द समाप्त हों।उनके आवास पर वृंदावन से आई रासलीला मंडली ने पारंपरिक प्रस्तुतियां देकर उत्सव को भक्ति का रंग प्रदान किया।
पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के दूसरे पुत्र तेजस्वी यादव की होली अपेक्षाकृत शांत और पारिवारिक माहौल में नजर आई। उन्होंने राजनीतिक व्यस्तताओं से अलग अपनी नन्ही पुत्री कात्यायनी के साथ होली मनाई। तेजस्वी ने बेटी को गुलाल लगाकर गोद में उठाया और उसे रंगों के इस पर्व से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि त्योहार शोर-शराबे का नहीं, बल्कि अपनों के करीब आने का अवसर होता है।इन दो भाइयों की अपेक्षाकृत विपरीत होली के साथ उनके पिता श्री प्रसाद की होली याद आई, जिनका अंदाज बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों से बदल गया है।
श्री प्रसाद पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर 1990 के दशक में "कुर्ता फाड़ होली" खेला करते थे।उनकी होली तो लोककथा बन गई थी। गुलाल की बौछार, कीचड़ की मस्ती और किन्नर नृत्य उनकी होली के अन्य आकर्षण हुआ करते थे। होली के दिन श्री प्रसाद के दरवाजे कार्यकर्ताओं, कलाकारों, लोकगायकों और विभिन्न कलाकारों के लिए खुल जाते थे। खुद श्री प्रसाद लोगों के बीच ऐसे घुलमिल जाते थे, जैसे सभी उनके परिवार हों।
श्री प्रसाद ने वर्ष 2016 में महागठबंधन सरकार के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के माथे पर गुलाल लगाकर राजनीतिक सौहार्द का संदेश भी दिया था और होली के बहाने अपनी सियासत के रंगों के दर्शन कराए थे।
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