वॉशिंगटन , अप्रैल 13 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी की घोषणा के बाद वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जबकि कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गयी हैं।

श्री ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे ईटी (भारतीय समयानुसार शाम 19:30 बजे) से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों की नाकेबंदी लागू होगी।

श्री ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि यह कदम ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है। चीन और रूस ने जहां इस फैसले की निंदा की है, वहीं इजरायल ने इस कदम को समर्थन दिया है।

चीन के रक्षा मंत्री डोंग जुन ने कहा कि उनका देश क्षेत्र में शांति और स्थिरता के पक्ष में है, लेकिन वह ईरान के साथ अपने ऊर्जा और व्यापार समझौतों का सम्मान करेगा और अपने हितों में किसी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।

स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्लेस ने नाकेबंदी की चेतावनी को "बेमतलब" करार देते हुए कहा कि यह संघर्ष पहले ही दुनिया को एक खतरनाक स्थिति में ले जा चुका है।

इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी कदम का समर्थन करते हुए कहा कि युद्धविराम "किसी भी समय टूट सकता है" और ईरान द्वारा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को न खोलना समझौते का उल्लंघन है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने चेतावनी दी कि इस कदम से वैश्विक बाजारों पर नकारात्मक असर पड़ेगा और पश्चिम एशिया की स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने कहा कि उन्हें नाकेबंदी में शामिल होने के लिए कोई अनुरोध नहीं मिला है और जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए।

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