दोहा , अप्रैल 28 -- कतर ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच क्षेत्रीय संकट के समाधान के लिए "व्यापक और समग्र समझौते" की वकालत करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को किसी भी प्रकार के दबाव या सौदेबाजी के औजार के रूप में इस्तेमाल करने का कड़ा विरोध किया है।

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में स्पष्ट कहा कि दोहा वार्ता को अलग-अलग हिस्सों में बांटने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने उन खबरों के संदर्भ में यह बात कही जिनमें संकेत दिया गया था कि ईरान होर्मुज से जुड़े मुद्दों को परमाणु वार्ता से अलग रखने की कोशिश कर सकता है।

श्री अंसारी ने कहा कि कतर एकीकृत, व्यापक और कूटनीतिक ढांचे के माध्यम से समाधान चाहता है, न कि खंडित वार्ताओं के जरिए। उन्होंने जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को "दबाव कार्ड" के रूप में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को कभी बंद नहीं होना चाहिए था और इसे तत्काल पूरी तरह खोला जाना चाहिए।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस जलमार्ग में किसी भी प्रकार का व्यवधान केवल खाड़ी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव और हमलों ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की हैं, इसलिए तनाव कम करना तत्काल प्राथमिकता होनी चाहिए।

कतर ने पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों का भी खुलकर समर्थन किया। श्री अंसारी ने पुष्टि की कि कतर और पाकिस्तान के बीच इस मुद्दे पर करीबी समन्वय है। उन्होंने कहा, "हमें वार्ता का दायरा बढ़ाने की जरूरत नहीं है। हम पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन करते हैं।" उन्होंने पाकिस्तान की भूमिका को रचनात्मक और प्रभावी बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय संकटों के समाधान में संवाद को आगे बढ़ाने वाली पहलें अधिक महत्वपूर्ण हैं।

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