लखनऊ , अप्रैल 10 -- उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि सैमुअल हैनीमैन द्वारा विकसित होम्योपैथी एक सुरक्षित, प्रभावी और समग्र चिकित्सा प्रणाली है। उन्होंने डॉ. उमंग खन्ना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कोरोना काल में उनके द्वारा किया गया निःशुल्क उपचार और दवा वितरण समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

शुक्रवार को सैमुअल हैनीमैन की 271वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ कन्वेंशन सेंटर में एक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 1000 होम्योपैथिक चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में "होम्योपैथी - द लेगेसी ऑफ इंडिया" पुस्तक का विमोचन किया गया और एक विशेष एआई फिल्म का प्रदर्शन हुआ, जिसमें होम्योपैथी के सिद्धांतों की भारतीय परंपरा से जुड़ाव को रेखांकित किया गया।

कार्यक्रम में "विषमेव विषभस्य औषधिम्" के सिद्धांत को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया, जिसे होम्योपैथी में "सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटर" कहा जाता है, अर्थात समान से समान का उपचार। वक्ताओं ने बताया कि यह पद्धति शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को सक्रिय कर समग्र स्वास्थ्य प्रदान करती है।

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि भारत के प्राचीन ज्ञान को वैश्विक स्तर पर पुनर्स्थापित करने का समय आ गया है। उन्होंने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर देश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में पुनः "विश्व गुरु" बनाने का संकल्प लें।

विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों और सैन्य अभियानों में भी होम्योपैथिक औषधियां उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। अन्य वक्ताओं ने भी विश्व स्वास्थ्य संगठन के संदर्भ में होम्योपैथी को प्रमुख पूरक चिकित्सा प्रणाली बताया।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी समां बांधा। पीहू द्विवेदी, कृतिका कलांगन और स्तुति खन्ना के कथक नृत्य तथा 'द रागनेस बैंड' के गायन ने उपस्थित चिकित्सकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित