जयपुर , अप्रैल 23 -- राजस्थान में जयपुर में श्रम न्यायालय ने रेलवे स्टेशन रोड स्थित पांच सितारा होटल राजपूताना शेरेटन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
न्यायाधीश दिनेश कुमार गुप्ता ने दो कर्मचारियों की सेवा समाप्ति को अनुचित और अवैध करार देते हुए होटल प्रबंधन को एकमुश्त 45 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। हालांकि अदालत ने कर्मचारियों को पुनः नौकरी पर बहाल करने के बजाय आर्थिक क्षतिपूर्ति को उचित माना।
ये दोनों मामले विद्याधर नगर निवासी शैलेन्द्र कुमार और बनीपार्क निवासी अजय बहादुर द्वारा दायर किए गए थे। दोनों श्रमिकों की ओर से एडवोकेट कुणाल रावत ने पैरवी की।
मामले के अनुसार, होटल प्रबंधन ने शैलेन्द्र कुमार पर 25 मई 2002 को ड्राई डे के दिन एक ग्राहक को शराब परोसने का आरोप लगाया था। वहीं अजय बहादुर पर ग्रूमिंग स्टैंडर्ड के विपरीत बेतरतीब बाल कटवाकर ड्यूटी पर आने का आरोप लगाया गया था।
सुनवाई के दौरान होटल प्रबंधन अपने आरोपों को अदालत में साबित नहीं कर सका। इस पर न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि "मामूली प्रकृति के आरोपों पर लगाया गया दंड कठोर, गैर-आनुपातिक और मनमाना है।"अदालत के इस फैसले को श्रमिक अधिकारों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि नियोक्ता द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई न्यायसंगत और प्रमाणित आधार पर ही की जानी चाहिए।
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