पटना , दिसंबर 29 -- बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने सोमवार को बताया कि राज्य में अब तक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आधारित स्कैन एंड शेयर सेवा के माध्यम से पांच करोड़ से अधिक टोकन बना कर बिहार देश में पहले स्थान पर है।
मंत्री श्री पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आधारित स्कैन एंड शेयर सेवा के माध्यम से ओपीडी पंजीकरण में बिहार पूरे देश में पहले स्थान पर है। राज्य में अब तक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आधारित स्कैन एंड शेयर सेवा के माध्यम से पांच करोड़ से अधिक टोकन बनाए जा चुके हैं। बिहार सरकार की यह पहल डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को हर नागरिक तक पहुंचाने के संकल्प को दर्शाती है। इस सुविधा से अब तक पांच करोड़ से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, सुलभता और गति आई है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि आभा आधारित क्यूआर कोड स्कैन एंड शेयर सुविधा ने मरीजों के लिए ओपीडी पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बना दिया है। अब मरीजों को ओपीडी पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल गेट या ओपीडी क्षेत्र में प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन करके मरीज एक टोकन नंबर प्राप्त कर सकते हैं। इस टोकन नंबर के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया सुगमता से पूरी हो जाती है।
मंत्री श्री पाण्डेय ने कहा कि आभा योजना का उद्देश्य मरीजों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाना है। इस सेवा की मदद से मरीज अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं, जिससे बार-बार दस्तावेज ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। यह सुविधा न केवल मरीजों के लिए, बल्कि चिकित्सकों के लिए भी फायदेमंद है। डॉक्टर अब मरीज के स्वास्थ्य रिकॉर्ड्स की समीक्षा कर बेहतर और सटीक उपचार प्रदान कर सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का हर नागरिक उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से पहुंच सके।
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