बेंगलुरु , जनवरी 09 -- कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री आर अशोक ने हुबली पुलिस थाना में कथित रूप से निर्वस्त्र करने की घटना की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने इस तरह की घटना को "कर्नाटक राज्य के लिए गंभीर अपमान" बताया।
श्री अशोक ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए इस घटना को कर्नाटक के लिए गंभीर अपमान बताते हुए कहा कि थाने के भीतर एक महिला के साथ मारपीट होना पूरे राज्य के लिए शर्म की बात है।
उन्होंने घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह सब हुआ तब थाने में 30 से 40 पुलिसकर्मी मौजूद थे। उन्होंने पूछा कि कोई महिला अकेले अपनी साड़ी कैसे उतार सकती है और उस समय वहां मौजूद अधिकारी क्या कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है जो कानून व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
विपक्ष के नेता ने जोर देकर कहा कि केवल मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक जांच ही न्याय सुनिश्चित कर सकती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राज्य मानवाधिकार आयोग, कर्नाटक राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखे हैं।
श्री अशोक ने बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड मामले का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि करदाताओं के चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि एक ऐसे अखबार को विज्ञापनों के रूप में दी गई है जिसका कर्नाटक में कोई प्रसार नहीं है।
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