चंडीगढ़ , अप्रैल 15 -- स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा सरकार से अहीरवाल क्षेत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सरसों की खरीद 28 मार्च और गेहूं की खरीद ण्क अप्रैल से शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन पिछले पखवाड़े में क्षेत्र में नाममात्र की खरीद ही हो पायी है।
विद्रोही के अनुसार रेवाड़ी, बावल, कोसली, नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़, पटौदी और गुरुग्राम की मंडियां गेहूं से भरी पड़ी हैं। किसानों से खरीदे गये अनाज का उठान नहीं हो रहा और खुले में पड़ी फसल भी नहीं खरीदी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है।
उन्होंने कहा कि सरकार 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का दावा करती है, जबकि वास्तव में केवल गेहूं, सरसों, बाजरा, धान और कपास जैसी सीमित फसलों की ही नियमित खरीद होती है। कई फसलें प्रदेश में होती ही नहीं या बहुत कम उत्पादन होता है।
विद्रोही ने मुख्यमंत्री से वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक की फसल खरीद का विस्तृत श्वेत पत्र जारी करने कीमांग की है।
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