शिमला , मार्च 24 -- हिमाचल प्रदेश पुलिस को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान पर हुई फायरिंग की जांच में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

आरोपियों में से एक के ड्रग तस्करी (नशीले पदार्थों के धंधे) में शामिल होने की बात सामने आने के बाद प्रदेश में संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गयी है।

यह मामला शनिवार को शिमला के नव विहार निवासी आर्यन चौहान की शिकायत पर स्थानीय ढली पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। आर्यन ने आरोप लगाया था कि तारापुर रोड पर एक गाड़ी से निकले तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोका और उनसे जबरन वसूली व लूटपाट की कोशिश की। इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

जांच के दौरान पुलिस टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। अपराध में इस्तेमाल की गयी गाड़ी का पता लगाकर उसे उसी दिन मशोबरा से बरामद कर लिया गया। जांचकर्ताओं ने पाया कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए वाहन के चेसिस और इंजन नंबर सहित सभी विवरण मिटा दिये थे और फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था।

इससे पहले पुलिस ने दो आरोपियों-संजौली के चरणजीत सिंह (48) और नारकंडा के ताशी नेगी (45) को गिरफ्तार किया था। तकनीकी इनपुट और निगरानी के आधार पर, पुलिस ने अब मुख्य साजिशकर्ता मनीष वर्मा उर्फ मनु (46) को दबोच लिया है, जो ठियोग का रहने वाला प्रॉपर्टी डीलर और ठेकेदार है।

पुलिस के अनुसार, वर्मा ने अपहरण की योजना बनाने के लिए पीड़ित की दैनिक गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी थी। उसने अपराध को अंजाम देने के लिए सह-आरोपियों के साथ तालमेल बिठाया था। छापेमारी के दौरान उसके पास से एक अवैध हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किये गये हैं।

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