शिमला , मार्च 29 -- हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारियों पर नकेल कसते हुए जियो-फेंस बायोमेट्रिक उपस्थिति का अनिवार्य अनुपालन लागू कर दिया है।

हिमाचल प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा हाल ही में जारी एक अधिसूचना में सरकारी डिग्री कॉलेजों में तैनात सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ड्यूटी के दौरान जियो-फेंस आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के नए अनिवार्य सॉफ्टवेयर का पालन करें।

निर्देश दिया गया है कि वे आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) मोबाइल एप्लिकेशन 'हिम उपस्थिति' के माध्यम से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।

सभी कॉलेज प्राचार्यों को भेजे गए इस निर्देश में निदेशालय ने कहा कि यह कदम 'हिम एक्सेस पोर्टल' पर कर्मचारियों के पंजीकरण की सुविधा के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी और शासन विभाग द्वारा पहले दिए गए निर्देशों और आयोजित प्रशिक्षण सत्रों के बाद उठाया गया है। प्रत्येक कॉलेज के लिए आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) खाते पहले ही बनाए जा चुके हैं ताकि कर्मचारियों की उचित उपस्थिति सुनिश्चित की जा सके। साथ ही विस्तृत दिशा-निर्देश तथा मैनुअल वितरित किए जा चुके हैं।

निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य भर में पिछली मोबाइल-आधारित उपस्थिति प्रणाली के खराब कार्यान्वयन के बाद नई प्रणाली अनिवार्य की गई है। 143 सरकारी कॉलेजों में से केवल 48 संस्थान ही मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पूरी तरह से उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। जबकि 67 कॉलेज आंशिक रूप से ऐसा कर रहे हैं, वहीं 23 मार्च 2026 तक 28 कॉलेजों ने यह प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

स्थिति का गंभीर संज्ञान लेते हुए निदेशालय ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, अब सभी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य रूप से 'एईबीएएस' सक्षम 'हिम उपस्थिति' ऐप के माध्यम से ही उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है।

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